Monday, August 24, 2026

सती मंदिर या प्रथा


 

 

हमारे गाँव में सती मंदिर जाते थे हमारे घर के लोग । बच्चों का मुंडन संस्कार वहीं होता था । स्कूल के दिन में सती की कहानी सुन कर अच्छा  लगता था । सती के पिता पर क्रोध आता था ।

 

ज्यों ज्यों पुस्तकें पढ़ती गई सती प्रथा का ज्ञान हुबाल विधवाओं के बारे में ज्ञान हु महिलाओं की समाज में दुखद स्थिति से परिचित हुऔर आज  महसूस हुआ कि शादी के बाद एक प्रकार से गुलाम हो जाती हैं लड़कियां

कितना भी पढ़ ले लड़कियां आम लड़कियां बहुत दुख भोगती है

 

कितना भी लिखिए लड़कियों की आजादी के बारे में पर चेतना नहीं आती लड़कियों मे । उन्हें लगता है शादी आर्थिक चिंता से मुक्त करती है और उसे सुरक्षा देती है । ऐसी लड़कियां सती की मंदिर में मनौतियां मानती हैं अपने बेटे के लिएयही बेटा उच्च पदस्थ हो कर माँ से दूर हो जाता है ।

 

आखिर क्यों महिमामंडन हो रहा है सती का । अवचेतन मन में ह्ारे सती जीवित है । काश सती हुई महिला के कष्ट से हम परिचित हो पाते । 

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