मीडिया में कुछ चर्चित चेहरे होते हैं । वे जब पुस्तक लिखते हैं तो प्रकाशक उन पांडुलिपियों को छापने को तत्पर रहते हैं । उन चर्चित चेहरों का एक उत्सुक वर्ग रहता है जो उनके जीवन को जानने को उत्सुक रहात है । इन व्यक्तियों की ऑटोबायोग्राफी या बायोग्राफी पढ़ने को उत्सुक समाज से प्रकाशक और लेखक की कमाई होती है । ऐसी पुस्तकें घर और लाइब्रेरी में स्थान पाती हैं । यही उस कालखंड का इतिहास है । अपने समाज का इतिहास जानने के लिये उस कालखंड का साहित्य पढ़ें । साहित्य विचारधारा का वाहक होता है ।साहित्य समाज की सोंच में परिवर्तन लाता है ।
अच्छे लेखक सड़कों पर खड़े या पैदल चलते मिलेंगे न कि कारों में । प्रकाशक तो बिजनेस संस्था होती है ।